नगरीय विकास योजना के तहत जरूरी सुविधाएँ जैसे – पानी निकासी, सड़क, नाली, रैन बसेरा, हाईटेक शौचालय और पार्क बनाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए गढ़वाल और कुमाऊं में दो-दो नए शहर बसाने की योजना बना रही है। बजट में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने योगनगरी ऋषिकेश को विश्वस्तरीय शहर बनाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, शहरों में बेहतर यातायात व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पानी पुनर्चक्रण प्रणाली और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए आवास योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
नगरीय विकास योजना के तहत जरूरी सुविधाओं जैसे ड्रेनेज, सड़क, नाली, रैन बसेरा, हाईटेक शौचालय और पार्कों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए सभी आय वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए नई आवास नीति बनाई जा रही है।
योगनगरी ऋषिकेश को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने प्रतिबद्धता दिखाई है। गोविंदनगर (ऋषिकेश) में लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत 6.45 करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृत की है। अतिरिक्त धनराशि रिंग फेंस्ड अकाउंट से दी जाएगी, साथ ही वहां पार्क का सौंदर्यीकरण और ओपन जिम भी बनाया जाएगा। इसके अलावा, रुड़की, हरिद्वार, काशीपुर और देहरादून में भी लीगेसी वेस्ट निस्तारण का कार्य पूरा किया जाएगा।
अगले वित्तीय वर्ष में शहरी विकास के लिए 1161.49 करोड़ और आवास विकास विभाग के लिए 388.64 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 207.18 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 54.12 करोड़ और ईडब्ल्यूएस आवास के लिए 25 करोड़ रुपए अनुदान का प्रावधान किया गया है।
