कोटद्वार: सरकारी नौकरी का झांसा देकर महिला से छह लाख की ठगी, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा

उत्तराखंड

महिला ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि गिरीश चंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति से उसकी फोन पर बातचीत हुई थी। आरोपी ने खुद को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर उसके भाई को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की मांग की। भरोसा कर महिला ने उसे छह लाख रुपये दे दिए।

कोतवाली पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर महिला को उसके भाई की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और छह लाख रुपये ठग लिए। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी कई मामले दर्ज हैं।

कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि 25 मार्च को कोटद्वार की एक महिला ने कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि सितंबर 2024 में गिरीश चंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति से उसकी फोन पर बातचीत हुई थी। आरोपी ने खुद को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर उसके भाई की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे, जिनमें से महिला ने उसे छह लाख रुपये दे दिए।

जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश

आरोपी ने कई बार महिला को नियुक्ति पत्र देने के बहाने बुलाया और बातों में फंसाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। 24 मार्च की रात वह महिला के घर पहुंचा और वहां भी जोर-जबरदस्ती करने लगा।

पीड़िता अपने पैसे फंसने, भाई की नौकरी की उम्मीद और डर के कारण चुप रही। 25 मार्च को आरोपी गिरीश चंद्र मिश्रा ने उसे फोन कर पीडब्ल्यूडी ऋषिकेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कोटद्वार के एक होटल में बुलाया, जहां उसने फिर से जबरदस्ती करने की कोशिश की।

मना करने पर आरोपी ने पीड़िता के भाई को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और सात लाख रुपये और मांगने लगा। पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

 

एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार प्रयासों के बाद बुधवार को आरोपी गिरीश चंद्र मिश्रा, निवासी अनर्पा, थाना मुक्तेश्वर, जनपद नैनीताल को लालबत्ती चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।

 

आरोपी के पास से उत्तराखंड सचिवालय का फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर उस पर और धाराएं जोड़ी गईं। वह शातिर अपराधी है और अल्मोड़ा व नैनीताल में धोखाधड़ी, पोक्सो सहित बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।

ऐसे करता था अपराध

कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गिरीश चंद्र मिश्रा खुद को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर प्रभाव जमाता था। वह महंगे होटलों में ठहरता और वहां भोले-भाले लोगों को बुलाकर उनके सामने बड़े अधिकारियों से फोन पर बात करने का नाटक करता था। इससे लोग उसे प्रभावशाली व्यक्ति समझ लेते और उसकी जान-पहचान पर भरोसा कर नौकरी दिलाने के नाम पर उसे बड़ी रकम दे देते थे।

 

 

 

 

 

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