उत्तराखंड समाचार: बांग्लादेशियों के पीछे दिल्ली गैंग का हाथ, लाने वालों की तलाश में जुटी पुलिस

उत्तराखंड

दिल्ली के कई क्षेत्रों में बांग्लादेशी नागरिकों को बसाने के पीछे दिल्ली की एक गैंग का हाथ बताया जा रहा है। इसी सिलसिले में देहरादून में भी दिल्ली के दो ठेकेदार चार बांग्लादेशियों को लेकर पहुंचे थे।

देहरादून में बांग्लादेशी नागरिकों को बसाने के पीछे दिल्ली की एक गैंग का हाथ माना जा रहा है। यह गैंग पहले बांग्लादेशियों को पश्चिम बंगाल से बिहार और फिर दिल्ली लाता है। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरी जैसे कामों में लगा देता है।

देहरादून में पकड़े गए बांग्लादेशियों के पीछे भी दिल्ली के एक ठेकेदार, आलम खान, का नाम सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं, गिरफ्तार किए गए पांचों बांग्लादेशी नागरिकों और उनकी सहयोगी भारतीय महिला पूजा रानी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। अब उन्हें जल्द ही देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस समय शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन अभियान जारी है। इसी दौरान एसएसपी अजय सिंह को सूचना मिली कि क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस और एलआईयू की टीम ने जांच की तो वहां पांच बांग्लादेशी नागरिक मिले। ये सभी एक भारतीय महिला, पूजा रानी, के साथ रह रहे थे। जांच में पता चला कि इनमें से एक, मुनीर चंद्र राय, पहले भी तीन बार देहरादून आ चुका है।

पुलिस अब दो आरोपियों की तलाश कर रही

मुनीर चंद्र राय पहले हर्रावाला स्थित कैंसर अस्पताल के निर्माण में मजदूरी भी कर चुका है। फिलहाल पुलिस दो आरोपियों—आलम खान और उसके एक साथी—की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार आलम खान दिल्ली निवासी है और अलग-अलग निर्माण स्थलों के लिए मजदूरों की व्यवस्था करता है। उसके संपर्क में बंगाल और बिहार के कुछ लोग भी हैं, जो बांग्लादेश से अवैध रूप से आए लोगों को देश के विभिन्न इलाकों में भेजते हैं।

इनमें से ज्यादातर के पास बिहार के अलग-अलग पते पर बने आधार कार्ड होते हैं। जानकारी मिली है कि दिल्ली की इस गैंग के कुछ सदस्य बिहार और बंगाल सीमा से लगे जिलों में भी रहकर फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाते हैं। इसी गिरोह ने दिल्ली में भी बांग्लादेशी नागरिकों को बसाया है। खुफिया एजेंसियां लगातार इसकी जांच कर रही हैं, लेकिन यह गैंग गुपचुप तरीके से देश के कई हिस्सों में सक्रिय है।

देहरादून में इन नागरिकों को लाने वाला ठेकेदार मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। उसके साथ कुछ और लोग भी जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस टीमें उसकी तलाश में दिल्ली और आसपास के इलाकों में भेजी गई हैं। एसओजी स्थानीय इंटेलीजेंस यूनिट के साथ मिलकर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलावा शहर और देहात क्षेत्र में सत्यापन अभियान को और सघन करने के निर्देश दिए गए हैं। – अजय सिंह, एसएसपी

 

 

 

 

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