देहरादून: इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से हेलीकॉप्टर सेवा की टिकट बुकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालुओं को हेली सेवा की टिकट केवल IRCTC (आईआरसीटीसी) के माध्यम से ही ऑनलाइन बुक करनी होगी। अधिकारियों के अनुसार 10 अप्रैल से बुकिंग पोर्टल खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने इस बार टिकट बुकिंग को पूरी तरह डिजिटल और केंद्रीकृत करने का निर्णय लिया है, जिससे फर्जी वेबसाइटों और दलालों पर रोक लगाई जा सके। पहले चरण में लगभग 20 दिनों की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक बुकिंग अनुभव देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रविवार को यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आईआरसीटीसी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 21 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ हेली शटल सेवा के संचालन, टिकट वितरण और यात्रियों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी।
इस वर्ष हेली सेवा के संचालन के लिए गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलिपैड से कुल आठ रूटों पर चार ऑपरेटरों का चयन किया गया है। इन रूटों के माध्यम से श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी, खासकर बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों के लिए यह सेवा बेहद उपयोगी साबित होती है।
बैठक में एक अहम मुद्दा हेलीकॉप्टर शटल के रद्द होने पर यात्रियों को किराया वापसी को लेकर भी उठाया गया। पिछले वर्षों में कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि खराब मौसम के कारण उड़ान रद्द होने पर रिफंड मिलने में काफी देरी हुई थी। इस पर यूकाडा ने सख्त रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि इस बार ऐसी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित ऑपरेटरों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेट लेते रहने की सलाह दी जाएगी। साथ ही, बुकिंग के दौरान यात्रियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
इसके अलावा, प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही टिकट बुक करें और किसी भी अनधिकृत एजेंट या वेबसाइट के झांसे में न आएं। हाल के समय में फर्जी बुकिंग से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।
सरकार और संबंधित एजेंसियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से केदारनाथ यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-friendly बनेगी। डिजिटल बुकिंग प्रणाली न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि यात्रियों को समय और संसाधनों की भी बचत करेगी। आने वाले दिनों में पोर्टल खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बुकिंग करने की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
