अवैध खनन पर अंकुश लग नहीं सकता क्योंकि अवैध खनन में सरकार स्वयं संलिप्त है और जब सरकार संलिप्त कृत्य में हो तो उस पर अंकुश लगाना बड़ा कठिन कार्य हो जाता है। जिन लोगों का दायित्व अवैध खनन को रोकने के लिए था। वो लोग अवैध खनन में खुद संलिप्त है।
पुलिस का काम था कि वह अवैध खनन नहीं होने देते लेकिन खुद पुलिस संलिप्त है। क्योंकि पुलिस सरकार के इशारे पर काम करती है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं अब तो भाजपा के लोग भी कहने लग गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने तो लोक सभा में भी इस विषय को उठाया और कहां है कि
उत्तराखंड राज्य में के अंदर जो है अवैध खनन हो रहा है। लेकिन सरकार तब भी जो है इसका संज्ञान नहीं ले रही है। विधायक सड़कों पर उतरकर ट्रैक्टर ट्राली रोकने का काम कर रहे हैं। लेकिन सरकार तब भी जो है इसका संज्ञान नहीं ले रही है। बल्कि किस्त बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जाता है उनसे पैसा लिया जाता है और अवैध खनन चल रहा है।
