उत्तराखंड में कल 21,000 से ज्यादा अभ्यर्थी देंगे NEET री-एग्जाम, बसों में फ्री यात्रा की सुविधा

Dehardun उत्तराखंड खबर हटकर ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बरें न्यूज़ शिक्षा सोशल मीडिया वायरल

21 जून को होने वाली NEET UG 2026 पुन: परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी, ईटीवी भारत पर अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने रखी अपनी बात

देहरादून: देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर पुख्ता तैयारियां की जा रही है. पिछली बार नीट (यूजी) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था. जिसके चलते इस परीक्षा को रद्द करनी पड़ी. ऐसे में 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए. कई छात्रों ने तनाव में आकर अपनी जीवन लीला भी समाप्त कर ली. जबकि, इस परीक्षा को आयोजित करवाने वाली संस्था एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी भी सवालों के घेरे में आई.

अब एक बार फिर से रविवार यानी 21 जून को यह परीक्षा करवाई जा रही है. जिसकी तैयारियां की जा रही है. इस बार कोशिश की जा रही है कि परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ हो और कोई गड़बड़ी ना हो. उत्तराखंड में भी नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. जबकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड में NEET परीक्षा को लेकर सरकार मुस्तैद, अभ्यर्थियों के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट सुविधा: 21 जून को आयोजित होने वाली NEET पुनः परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सीएम धामी ने कहा कि अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुविधा और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. राज्य सरकार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए.

राज्य सरकार अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. इसी कड़ी में नीट पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज यानी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था भी की गई है. ताकि, दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.“-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

देहरादून में परिंदा भी पर ना मार पाए ऐसी है व्यवस्था: देहरादून में नीट री-एग्जाम के लिए 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. देहरादून के इन 16 एग्जाम सेंटर को 2 सिटी कोर्डिनेटर में बांटा गया है. दोनों सिटी कोर्डिनेटर को 8-8 परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है. सभी केंद्रों पर देहरादून में करीब 6,800 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे. पूरे उत्तराखंड की बात करें तो राज्य के 10 जिलों में नीट री-एग्जाम के लिए 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इनमें 21 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे.

देहरादून जिला प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है और व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है. जिला प्रशासन का दावा है कि परीक्षा केंद्रों को तमाम सुरक्षा से लैस किया गया है. ताकि, परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके.

सभी परीक्षा केंद्रों को अच्छी तरह से सैनिटाइज कराया गया है. वहां मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. परीक्षा के संचालन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.”- आशीष चौहान, जिलाधिकारी, देहरादून

डीएम आशीष चौहान की मानें तो परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो और अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लगातार तैयारियों की निगरानी की जा रही है.

सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय, आईटीबापी भी होगी तैनात: वहीं, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देहरादून पुलिस ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी. परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी टीमों का गठन किया गया है. प्रत्येक 3 परीक्षा केंद्रों पर एक सुपरवाइजर के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम तैनात रहेगी. यह टीम परीक्षा शुरू होने से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा समाप्त होने के बाद तक लगातार निगरानी रखेगी. इसके अलावा सेक्टर अधिकारियों और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को और ज्यादा मजबूत बनाया गया है.“- प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून

उन्होंने बताया कि परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए पुलिसकर्मियों को विशेष ब्रीफिंग भी दी गई है. उन्हें परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी. ताकि, परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे. इतना ही नहीं आईटीबापी के जवान भी परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए जाएंगे.

छात्र और टीचरों में कई उम्मीद: जहां एक तरफ सरकार और शासन प्रशासन देहरादून में नीट परीक्षा को दोबारा करवाने को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है. किसी भी तरह से सुरक्षा में कमी ना हो, इसको लेकर सुनिश्चित किया जा रहा है, तो वहीं नीट अभ्यर्थियों में भी रविवार को होने वाली इस परीक्षा को लेकर काफी उत्साह के साथ उत्सुकता नजर आ रही है.

मैंने 3 मई को हुई नीट परीक्षा में हिस्सा लिया था. जिसमें मेरी सालभर की मेहनत के बदौलत परीक्षा काफी अच्छी गई थी. जिसका स्कोर अच्छा जा रहा था, लेकिन जब मालूम हुआ कि परीक्षा रद्द हो गई, तो मुझे काफी धक्का लगा, लेकिन एक बार फिर मैंने तैयारी की है. जिसके लिए मैं पूरी तरह से तैयार हूं.“- इशिता, NEET अभ्यर्थी

वहीं, ईटीवी भारत ने कोचिंग संस्थानों के कुछ शिक्षकों से भी बातचीत की. जूलॉजी फैकल्टी आशीष शर्मा ने बताया कि इस बार जो नीट एग्जाम लीक हुआ है, वो काफी दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन अब एक बार फिर उन्होंने अपने स्टूडेंट्स को तैयार कर लिया है. इसी तरह से एक और शिक्षक बॉयोलॉजी फैकल्टी दीपक ने कहा कि जब कोई परीक्षा होती है, तो उसके बाद स्टूडेंट काफी रिलेक्स हो जाता है. उसे एक बार फिर से परीक्षा के मोड में आने में समय लगता है.

इस बार ये बात अच्छी है कि सरकार ने इस बात को स्वीकारा है कि परीक्षा में धांधली हुई है. तत्काल परीक्षा को रद्द कर के दोबारा आयोजित करवाने का फैसला लिया गया. दोबारा जब कोई परीक्षा होती है, तो एक तरह इसे दूसरे मौके के रूप में देखा जाता है. कई बच्चे ऐसे भी होते हैं, जिनके मन में डर होता है कि परीक्षा दोबारा से वैसी जाएगी या नहीं?“- दीपक, शिक्षक, बॉयोलॉजी फैकल्टी

बता दें कि NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. ऐसे में 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी सतर्कता के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं. ताकि, अभ्यर्थियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सके.

Social Media Share