Cloudflare ने लॉन्च किया AI एजेंट्स के लिए खास ब्राउज़र, जानें इसकी खास बातें

Newsbeat आपका शहर खबर हटकर ट्रेंडिंग खबरें ताज़ा ख़बर न्यूज़ सोशल मीडिया वायरल

Cloudflare ने Kitesurf नाम से एक नया क्लाउड-होस्टेड ब्राउज़र लॉन्च किया है, जो खासतौर पर AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है.

हैदराबाद: वेब ब्राउज़र की दुनिया में अब एक नया प्लेटफॉर्म आ चुका है, लेकिन इसका मकसद इंसानों को लुभाना नहीं है. इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) ने अगस्त 2026 को एक नया क्लाउड-होस्टेड ब्राउज़र लॉन्च किया है, जिसका नाम Kitesurf है. क्लाउडफ्लेयर ने इसे Chrome या Firefox की तरह आम यूजर्स के लिए, बल्कि खासतौर पर एआई एजेंट्स के लिए डिज़ाइन किया है.

दरअसल, आजकल एआई सॉफ्टवेयर सिर्फ सवालों के जवाब देने वाले चैटबॉट्स से आगे बढ़कर ऐसे एजेंट्स में बदल रहा है, जो यूज़र्स की तरफ से खुद-ब-खुद काम पूरे कर सकते हैं. ऐसे में इन एजेंट्स को इंटरनेट पर वेबसाइट्स को इस्तेमाल करने के लिए एक ब्राउज़र की जरूरत होती है, ठीक वैसे ही जैसे इंसानों को होती है.

इंसानी ब्राउज़र से कैसे अलग है Kitesurf

क्लाउडफ्लेयर के मुताबिक, आम ब्राउज़र में टैब्स, थीम्स और एक्सटेंशन जैसे फीचर्स होते हैं, जिनकी किसी AI एजेंट को जरूरत ही नहीं होती. इनके बजाय एक एआई एजेंट के लिए बने ब्राउज़र को कॉन्टेक्स्ट विंडो मैनेज करने, स्पीड बनाए रखने, टोकन कॉस्ट कम रखने और बड़े पैमाने पर स्केल होने की क्षमता की जरूरत होती है. इसके अलावा एआई एजेंट वाले ब्राउज़र को प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसे नए तरह के सिक्योरिटी खतरों से भी निपटना होता है, जो सिर्फ AI सिस्टम्स को ही प्रभावित करते हैं.

कंपनी का कहना है कि Kitesurf को सिर्फ 12 हफ्तों में तैयार किया गया और यह पूरी तरह उसके सर्वरलेस प्लेटफॉर्म Workers पर चलता है. यह V8 आइसोलेट्स के भीतर काम करता है और फिलहाल Browser Run के जरिए बीटा वर्जन में मुफ्त उपलब्ध है, जो डेवलपर्स को हेडलेस ब्राउज़र इंस्टेंस को कंट्रोल करने की सुविधा देता है.

क्लाउडफ्लेयर के अपने टेस्ट के मुताबिक, Kitesurf, आम इस्तेमाल होने वाले Chromium इंजन के मुकाबले 3.1 से 3.8 गुना कम CPU और 4.7 से 7 गुना कम मेमोरी खर्च करता है, जिससे डेवलपर्स की लागत घट सकती है. हालांकि इसकी एक कमी भी सामने आई है कि यह टास्क पूरा करने में Chromium के मुकाबले करीब 1.7 से 1.8 गुना ज्यादा समय लेता है. यह ब्राउज़र कई अलग-अलग टेक्नोलॉजी को मिलाकर बनाया गया है, जिसमें Blitz का रेंडरिंग इंजन, Firefox का CSS पार्सर Stylo, और Rust में लिखा गया Boa JS इंजन शामिल है.

कंपनी ने ओपन-सोर्स हेडलेस इंजन Obscura को भी इसका श्रेय दिया है, क्योंकि इसी से प्रेरित होकर पहला प्रोटोटाइप तैयार किया गया था. फिलहाल Kitesurf 215,000 से ज्यादा वेब प्लेटफॉर्म टेस्ट पास कर चुका है और Wikipedia, Hacker News एंड Cloudflare के अपने डैशबोर्ड जैसे पेजों को सही तरीके से लोड कर पा रहा है. यह लॉन्च Cloudflare के बड़े एजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें Agents SDK और AI Search जैसे टूल्स शामिल हैं, का ही एक हिस्सा है.

Social Media Share