पार्षदों ने नगर आयुक्त नंदन कुमार से अवैध कब्जे हटाने की मांग की। साथ ही पार्कों की देखरेख का जिम्मा एक-एक संस्था को देने के फैसले का एक पक्ष ने विरोध किया।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के सभागार में आज नगर निगम की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान जमीनों पर अवैध कब्जों का मुद्दा उठा, जिस पर पार्षदों ने जोरदार आपत्ति जताते हुए हंगामा किया।
पार्षदों ने नगर आयुक्त नंदन कुमार से मांग की कि अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए। इसके अलावा पार्कों की देखरेख की जिम्मेदारी निजी संस्थाओं को सौंपने के फैसले पर भी कुछ पार्षदों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि पार्कों का रखरखाव नगर निगम की जिम्मेदारी है, निजी संस्थाएं बाद में वहां निर्माण कर कब्जा कर लेती हैं, इसलिए यह जिम्मा किसी संस्था को नहीं सौंपा जाना चाहिए।
बैठक में फ्लेटों का हाउस टैक्स लगाने की भी मांग की गई। मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों का सत्यापन और अवैध कब्ज हटाने की मांग की गई। वहीं, नगर निगम की जमीन पर बनने वाली डिस्पेंसरी के प्रस्ताव को निरस्त किया गया।
