तिब्बत रवाना होने से ठीक पहले ‘सेल्कू‘ पर्व के रूप में दीवाली मनाने का चलन शुरू किया।
मुखवा निवासी पूर्व प्रधानाचार्य और गंगोत्री के वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित विद्या प्रसाद सेमवाल के अनुसार दीवाली के रूप में मनाया जाने वाले सेल्कू पर्व के पीछे इस क्षेत्र के निवासियों का अतीत में तिब्बत से गहरा करोबारी संबंध एक प्रमुख वजह माना जाता है। अश्विन मास तक घाटी वाले इलाकों से ताजा अनाज व अन्य […]
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